मोतीसरा ‘गंगा दशमी’ के पावन अवसर पर ग्राम पंचायत मोतीसरा में सोमवार को “वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान” के तहत ब्लॉक स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत स्थानीय आदर्श गवाई तालाब पर अधिकारियों और स्कूली बालिकाओं द्वारा पूजा-अर्चना के साथ हुई, सिवाना तहसीलदार रायचंद देवासी,विकास अधिकारी दिनेश सिंह भाटी,अतिरिक्त विकास अधिकारी गणेशाराम चौधरी,ब्लॉक शिक्षा अधिकारी श्रवण कुमार ,रेंजर भोमाराम सह प्रभारी, जलदाय विभाग अशोक कुमार, राजीविका ब्लॉक परियोजना अधिकारी दयाराम मीणा,विद्युत विभाग से गजेंद्र कुमार,पोकरराम देवासी, कृषि पर्यवेक्षक अर्जुन राणा,प्रिसिपल रामलाल पंवार, फतेह सिंह डाबली प्रशासक मोतीसरा,ग्राम विकास अधिकारी नरपत सिंह देवड़ा,कनिष्ठ सहायक रूपाराम विराश,जबरा राम देवड़ा सुरक्षा गार्ड,निर्मल कुमार ईमित्र प्लस ऑपरेटर सहित उप सरपंच प्रतिनिधि जोधाराम तरक,पूर्व सरपंच गिरधारी लाल,पोलाराम बग, भगाराम भील स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं उपस्थित ग्रामीणों ने जल संरक्षण का संकल्प लिया। अभियान के तहत जल एवं पर्यावरण संरक्षण को लेकर विविध जनजागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीणों, महिलाओं, युवाओं एवं जनप्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं द्वारा प्रभात फेरी निकालकर गांव में जल बचाओ एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
अमृत सरोवर की पूजा-अर्चना कर अभियान का शुभारंभ किया। इसके बाद जल संरक्षण तथा जागरूकता रैली के माध्यम से लोगों को जल संरक्षण के प्रति प्रेरित किया गया।
सीबीईओ ने कहा कि “जल ही जीवन का आधार है और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए जल संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।” उन्होंने कहा कि राज्य सरकार “वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान” के माध्यम से गांव-गांव तक जल बचाने एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश पहुंचा रही है। लोगों से नशामुक्त समाज के निर्माण का आह्वान करते हुए कहा कि शरीर और प्रकृति दोनों को पवित्र रखना आवश्यक है।ग्राम विकास अधिकारी ने गंगा दशमी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मां गंगा का धरती पर अवतरण भागीरथ के अथक प्रयासों से संभव हुआ था और आज हमें भी जल संरक्षण के लिए उसी प्रकार के “भागीरथी प्रयास” करने होंगे। उन्होंने कहा कि भूजल स्तर बढ़ाने के लिए पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण एवं पुनर्जीवन अत्यंत आवश्यक है। हमारे पूर्वजों ने जल स्रोतों और प्राकृतिक संसाधनों को पूजनीय मानकर उनका संरक्षण किया, उसी परंपरा को आगे बढ़ाना आज की आवश्यकता है।
दिनेश सिंह भाटी ने जल संरक्षण केवल सरकारी योजना नहीं बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा एक जन आंदोलन बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि बढ़ते जल संकट को देखते हुए प्रत्येक व्यक्ति को पानी की एक-एक बूंद बचाने का संकल्प लेना होगा। गंगा दशमी से प्रारंभ होकर विश्व पर्यावरण दिवस तक चलने वाले इस अभियान के माध्यम से जल संरक्षण के महत्व को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। जल संरक्षण के बिना जीवन संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनसहभागिता के साथ जल स्रोतों के जीर्णाेद्धार,साफ-सफाई और जल संग्रहण को हमेशा स्वच्छ रखने की अपील की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, ग्रामीणजन, महिलाएं एवं युवा उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने स्थानीय समस्यों को भी ब्लॉक अधिकारियों के समक्ष रखा और जल्द समाधान का आश्वासन दिया।
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