मोतीसरा : गांव में दोपहर अचानक गोचर भूमि लाटा में भीषण आग लग गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते वहां रखी कीमती लकड़ी और बाड़े जलकर राख हो गए। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।ग्रामीणों ने बताया कि दोपहर के समय अचानक आग की लपटें उठती दिखाई दीं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया,जिससे आसपास के लोगों के पसीने छूट गए। सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए प्रशासन को अवगत कराया और खुद भी आग बुझाने में जुट गए।घटना की जानकारी मिलने पर ग्राम विकास अधिकारी नरपत सिंह देवड़ा, पूर्व सरपंच शैतान सिंह डाबली, कनिष्ठ सहायक रूपाराम विराश, जबरा राम देवड़ा सुरक्षा गार्ड,ई-मित्र संचालक निर्मल कुमार सहित कई ग्रामीण मौके पर पहुंचे। सभी ने मिलकर पानी के टैंकरों की मदद से आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया।ग्रामीणों के अनुसार, अग्निशमन विभाग की गाड़ी समय पर नहीं पहुंच सकी। जब तक फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची, तब तक अधिकांश सामान जलकर खाक हो चुका था।
इतना ही नहीं, मौके पर पहुंचने के बाद भी अग्निशमन वाहन तुरंत शुरू नहीं हो सका, जिससे आग बुझाने में और देरी हुई।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने निजी संसाधनों का सहारा लिया।नरपत सिंह देवड़ा और प्रशासक फतेह सिंह डाबली ने लगातार मौके की निगरानी करते हुए पानी के दो अतिरिक्त टैंकरों की व्यवस्था करवाई। बाद में बालोतरा से दूसरी फायर ब्रिगेड भी मौके पर पहुंची, जिससे राहत कार्यों में तेजी आई।करीब शाम 6 बजे तक आग पर काबू पाने का प्रयास जारी रहा। अंततः तीन पानी के टैंकरों और तीन अग्निशमन वाहनों की मदद से आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया जा सका।ग्रामीणों के सहयोग और तत्परता से बड़ा नुकसान होने से बच गया, लेकिन कीमती लकड़ी और बाड़ों के जलने से आर्थिक नुकसान जरूर हुआ है। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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